बगहा की बेटी दीपा ने 67वीं बीपीएससी की परीक्षा में लहरायी परचम,क्षेत्र को किया गौरवान्वित

दीपा ने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और माता-पिता के आशिर्वाद को दिया
भास्कर दिवाकर
बगहा। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 67वीं परीक्षा में बगहा एक के शरणार्थी कांलोनी परसौनी की बेटी दीपा कुमारी ने सफलता हासिल कर नगर कार्यपालक अधिकारी बनकर इलाके का नाम रौशन किया है। दीपा कुमारी पहली प्रयास में ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बनी थी। दुसरी प्रयास में वे नगर कार्यपालक अधिकारी के पद पर चयनित हुई है।उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जैसे ही यह सूचना मिली कि दीपा कुमारी को बीपीएससी में दुसरे पद पर सफलता मिली है। बधाई संदेश और बधाई देने वालों का तांता लग गयी। प्रखंड बगहा एक के मझौवा पंचायत के शरणार्थी कांलोनी परसौनी गांव की दीपा कुमारी के पिता दुलाल हालदार एक किसान है तथा ग्रामीण स्तर पर प्रेक्टिस कर परिवार का भरण पोषण करतें हैं, माता अंजलि देवी कुशल गृहिणी है। दीपा कुमारी दो भाई बहनों में बड़ी हैं और शुरू से ही दीपा को किताबें पढ़ना और लेख लिखना और लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहती थी।तभी यह तय कर लिया था कि अधिकारी बनकर देश की सेवा करूंगी। दीपा कुमारी ने पहली प्रयास 66 वां बीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। तथा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर चयनित होकर जिला को गौरवान्वित किया था।तथा दुसरी प्रयास में 67 वां बीपीएससी परीक्षा में नगर कार्यपालक अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रौशन किया है। बीपीएससी तैयारी को लेकर दीपा ने बताया कि बीपीएससी की परीक्षा में अच्छे अंकों से पास होने के लिए सबसे पहले तो आपका बेसिक क्लियर होना बहुत जरूरी है।एनसीईआरटी की किताबों का अध्ययन करते हुए परफेक्ट नोट्स बनाने होंगे। प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की पढ़ाई करने से ही बेहतर परिणाम संभव हैं। दीपा के पिता डां दुलाल हालदार ने बताया कि पुत्री की सफलता से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है। सफलता हासिल करने पर समाजसेवी सुनील तिवारी, आलोक कुमार, विनय हालदार, हारु साह समेत दर्जनों की संख्या में लोगों ने दीपा को बधाई व शुभकामनाएं दी है।

