बगहा के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित अंकित देव अर्पण,बगहा से विधानसभा चुनाव लड़ने का किया घोषणा।
बगहा के युवा नेता अंकित देव अर्पण ने जनसंवाद कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता का किया आयोजन।
बगहा के युवा नेता अंकित देव अर्पण ने जनसंवाद कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता का किया आयोजन।
आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने की घोषणा की– युवा नेता अंकित देव अर्पण।
परिचय: बीते अप्रैल माह 2025 में राष्ट्रीय फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU),दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ऑल इंडिया फोरेंसिक साइंस समिट में बगहा विधानसभा अंतर्गत पतिलार के अंकित देव अर्पण ने अपनी उत्कृष्टता साबित की।इस उपलब्धि के लिए उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रशस्ति पत्र और मेडल से सम्मानित भी किया था।
बिहार डेस्क/बगहा।बगहा शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में शनिवार दोपहर 12 बजे साईबर लॉयर एवं सामाजिक कार्यकर्ता सह युवा नेता अंकित देव अर्पण द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता का विषय संकल्प विकसित बगहा रखा गया। इस आयोजन में मुख्य रूप से बगहा को सर्वांगीण रूप से सशक्त करने की बात की गई एवं युवाओं के राजनीति में सक्रिय भूमिका पर चर्चा की गई। इस आयोजन पर बगहा के सुदूर क्षेत्रों से 500 से अधिक की संख्या में लोग एकत्रित हुए। कार्यक्रम का संचालन उज्ज्वल शुक्ला ने किया एवं आरम्भ में जिला परिषद सदस्य सोनू यादव, महंत राम, अलाउद्दीन अंसारी, अभिषेक कुशवाहा ने अंकित देव अर्पण हेतु राजनैतिक शुरुआत का प्रस्ताव रखा। जनसभा को संबोधित करते हुए अंकित देव अर्पण ने कहा कि लव कुश के शिक्षा की धरती और वाल्मीकि के तपोभूमि को सदैव दरकिनार किया गया है, और आलम यह है कि यहां से छात्र राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान तो प्राप्त करते हैं लेकिन उनकी शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। आज लोग भले यह कह लें कि यहां के छात्र अधिकारी के रूप में चयनित हो रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह बगहा मूल के दिल्ली, पटना, कोटा, बनारस छात्र हैं, जिनका जन्मस्थान तो बगहा है, लेकिन इन्हें अपनी शिक्षा हेतु सुदूर राज्यों में जाना पड़ता है।युवा नेता अंकित देव अर्पण ने कहा कि यहां के छात्र रोजगार हेतु लालायित हैं, परन्तु यहां के मेगा टेक्सटाइल पार्क को भी इनसे दूर कर दिया गया, और किसी प्रकार का औद्योगिकरण यहां नहीं हो रहा है। यहां के रहने वाले किसान पिता 5 रुपए किलो आलू बाजार को बेच रहे हैं और उनके बच्चे 5 रुपए में 10 ग्राम चिप्स खरीद रहे हैं,जबकि इस स्थान पर ऐसे उद्योग लगाए जा सकते हैं,जहां से इन किसानों को समृद्धि मिले।यहां के युवा 6000 रुपए की नौकरी के लिए दिल्ली, गुजरात, मुंबई जा रहे हैं और ट्रेनों से गिरकर कट जा रहे हैं। ये लोग बाहर में 6000 का वेतन जिस जींस बनाने के लिए पा रहे हैं, उसी जींस को 6000 में यहां के लोग खरीद रहे हैं, जबकि यहां टेक्सटाइल पार्क रहने से इस क्षेत्र में भी विकास होता।अंकित देव अर्पण ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी के विकसित भारत संकल्प के आधार पर भी विकसित बगहा का सपना देख रहे हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें युवाओं को आगे बढ़ाना होगा। उनकी योजना ऐसे युवकों को राजनीति में जोड़ने की है, जिनकी पृष्ठभूमि गैर राजनैतिक है, लेकिन यह विशेष ध्यान रखना होगा कि इन युवाओं को सक्रिय जिम्मेदारी भी मिले।उन्होंने कहा कि देश में 3 नए कानूनों पर गृह मंत्री की दूरदर्शिता सराहनीय है, इससे ना केवल अपराधों पर नियंत्रण होगा अपितु साइबर थानों की स्थापना, फोरेंसिक वैन का प्रबंध एवं फोरेंसिक लैब बढ़ेंगे जहां विशेषतः महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे, परन्तु इसकी पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक सुनिश्चित करनी होगी।स्वास्थ्य पर बात करते हुए अंकित देव अर्पण ने कहा कि गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण मर जा रही हैं, हॉस्पिटल दर हॉस्पिटल भटकना पड़ रहा है, इससे 2- 2 मौतें हो रही हैं और 2- 2 परिवार टूट रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों का इसपर ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि इस बात पर खुश होते हैं कि हमारे यहां क्षेत्र के लोग इलाज कराने पटना आते हैं तो मैं आवास में रहने की जगह देता हूं स्वयं नीचे सोता हूं, परन्तु उन्हें इस बात पर खुश होना चाहिए कि वे अपने आवास पर चैन की नींद सोएं और अच्छे स्वास्थ्य सेवा के कारण किसी को पटना जाना ही नहीं पड़े।तकनीक एवं साइबर फोरेंसिक पर बात करते हुए युवा नेता अंकित देव अर्पण ने कहा कि आज सदन में कोई इस विषय पर आवाज उठाने वाला नहीं है, कल जब नए कानून बनेंगे तो इसपर चर्चा क्यों करेगा,सदन में ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो इन विषयों पर भी बोलें एवं चर्चा करें। यह डिजिटल समय है जहां हर हाथ मोबाइल है, ऐसे में जनप्रतिनिधि इन विषयों पर चर्चा नहीं करेंगे तो कल इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए कानूनों पर विस्तृत बदलवा नहीं संभव है। उन्होंने कहा कि उद्योग के साथ आवश्यक है कि बगहा को एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान जैसे एनएफएसयू या आरआरयू मिले, एवं एक आयुर्वेदिक महाविद्यालय की भी स्थापना हो।अंकित देव अर्पण ने कहा कि जब भी बिहार की राजनैतिक बात होती है किसी नवीं फेल और बारहवीं फेल की बात होने लगती है। बात मनन मिश्रा जैसे शिक्षित एवं नेतृत्व कुशल व्यक्तित्व की करनी चाहिए जो अपने नेतृत्व क्षमता के आधार पर 7 बार से पूरे देश में अपना राजनैतिक लोहा मनवा रहे हैं और बार के अध्यक्ष हैं। अभी वे राज्यसभा सदस्य बनकर निरंतर विधि के क्षेत्र में ही नहीं अपितु राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।अंकित देव अर्पण ने कहा कि वे विकसित बगहा का सपना देख रहे हैं और इसके लिए युवाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी महत्ती भूमिका निभाएंगे और इस विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करेंगे।





