बेतिया-बगहा एनएच-727 मार्ग के निर्माण में भारी अनियमितता एवं नए पुल के निर्माण न होने को लेकर विधायक सुरेन्द्र प्रसाद ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक और पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को लिखा पत्र
बेतिया-बगहा एनएच-727 मार्ग के निर्माण में भारी अनियमितता एवं नए पुल के निर्माण न होने को लेकर विधायक सुरेन्द्र प्रसाद ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक और पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को लिखा पत्र।
वाल्मीकिनगर विधायक सुरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि एनएचएआई के परियोजना निदेशक और पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता द्वारा कार्रवाई नहीं हुई तो वे काम रोकने और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करने को होंगे मजबूर।
बिहार डेस्क,बगहा। वाल्मीकीनगर विधानसभा के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने बेतिया-बगहा एनएच-727 मार्ग के निर्माण में भारी अनियमितता और नए पुलों के निर्माण नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। विधायक ने घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और नए पुलों के निर्माण नहीं होने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे काम रोकने और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करने को मजबूर होंगे।समाचार के मुताबिक बेतिया-बगहा एनएच727 मार्ग के निर्माण में हो रही भारी अनियमितता,घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग एवं नए पुल के निर्माण न होने को लेकर वाल्मीकिनगर विधायक सुरेन्द्र प्रसाद ने परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), इकाई बेतिया/मोतिहारी क्षेत्र और राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा हैं।विधायक ने पत्र के माध्यम से एनएचएआई के परियोजना निदेशक और राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल,मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को अगवत कराया हैं कि मेरे विधानसभा क्षेत्र की जनता एवं स्थानीय निवासियों के माध्यम से यह गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है कि बेतिया से बगहा तक निर्माणाधीन एन.एच. मार्ग में मानक संचालन प्रक्रिया (एस ओपी) की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।इस परियोजना के संबंध में निम्नलिखित बिंदु अत्यंत चिंताजनक और जांच के विषय हैं।घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग: सड़क निर्माण में प्रयुक्त हो रही सामग्री की गुणवता अत्यंत निम्न स्तर की है। वर्तमान में जो कार्य हो रहा है, वह पूर्व में निर्मित सडक की तुलना में भी अधिक घटिया है,जिससे सड़क के बनने के साथ ही टूटने की प्रबल संभावना है। यह सीधे तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
वही क्षेत्र में पुराने पुलो की लीपापोती:परियोजना के तकनीकी नक्शे और आवश्यकता के विपरीत, पुराने और जर्जर हो चुके पुलों की जगह नए पुलों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। केवल पुराने पुलों की मरम्मत और रंग-रोगन करके कार्य को खानापूर्ति की तरह निपटाया जा रहा है, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।तकनीकी मानकों की अनदेखीः सड़क की मजबूती और मोटाई निर्धारित मानको के अनुरूप नहीं पाई गई है।विधायक ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया कि अविलंब उक्त निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों (संवेदक एजेंसी) पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि गुणवता में सुधार नहीं किया गया और पुराने पुलों की जगह नए पुलों का निर्माण सुनिश्चित नहीं हुआ तो जनहित में मुझे इस कार्य को रुकवाने और उच्चाधिकारियों सहित विभाग के मंत्री को रिपोर्ट करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा।अतः इस मामले को गंभीरता से लेंगे और की गई कार्रवाई से मुझको अवगत कराएंगे।



