बगहा–बेलवानिया पुल निर्माण निरस्त करने पर सदन में तीखी आपत्ति, जनहित में पुनः स्वीकृति की मांग:- भीष्म साहनी
बगहा–बेलवानिया पुल निर्माण निरस्त करने पर सदन में तीखी आपत्ति, जनहित में पुनः स्वीकृति की मांग:- भीष्म साहनी
बिहार डेस्क,बगहा।बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र में एमएलसी भीष्म साहनी ने पश्चिमी चंपारण जिला अंतर्गत बगहा के शास्त्रीनगर (बिहार) से बेलवनिया (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल के निर्माण कार्य को निरस्त किए जाने पर सदन में कड़ी आपत्ति दर्ज कराई हैं। उन्होंने बताया कि उक्त पुल के लिए डीपीआर तैयार हो चुका था तथा जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में तीन-तीन बैठकें आयोजित कर इसकी स्वीकृति हेतु प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।वही स्वयं श्री साहनी द्वारा भी अनुमोदन प्रदान किया गया था।उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद यह जानकारी मिली कि पुल निर्माण का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पुल बनने से बिहार और उत्तरप्रदेश के किसानों को अपनी उपज के परिवहन में सहूलियत मिलती, व्यापार को बढ़ावा मिलता तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएँ भी विकसित होतीं साथ ही आवागमन सुगम होने से शिक्षा,स्वास्थ्य और आपात सेवाओं तक पहुंच आसान होती। एमएलसी भीष्म साहनी ने सरकार से स्पष्ट वक्तव्य की मांग करते हुए पूछा कि जब सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएँ पूर्ण हो चुकी थीं तो प्रस्ताव क्यों रद्द किया गया? उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए बगहा–बेलवानिया पुल के निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान करने की मांग सदन में जोरदार ढंग से की गई हैं। जिस पर माननीय मंत्री पथ निर्माण विभाग बिहार सरकार दिलीप जायसवाल ने सदन में एमएलसी भीष्म साहनी के मांग पर विचार करते हुए कहा कि बगहा बिलोनिया पुल का निर्माण किसी कारणवश निरस्त कर दिया गया था किंतु माननीय भीष्म साहनी के अपील पर सरकार से बनाने की मांग करूंगा। जिस पर भीष्म साहनी ने उनका धन्यवाद ज्ञापन किया एवं साथ ही मंगलपुर ओवर ब्रिज का भी पुरजोर तरीके मुद्दा उठाया।


