भाजपा से इस्तीफा देकर नागेश्वर द्विवेदी ने की पत्रकारिता में वापसी, बोले अब कलम से लड़ूंगा जनता की लड़ाई…..

भाजपा से इस्तीफा देकर नागेश्वर द्विवेदी ने की पत्रकारिता में वापसी, बोले अब कलम से लड़ूंगा जनता की लड़ाई…..

मोहनलालगंज, लखनऊ। विकास खंड मोहनलालगंज क्षेत्र के मस्तीपुर गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व भाजपा नेता नागेश्वर द्विवेदी ने राजनीति से अलग होकर एक बार फिर पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय होने का बड़ा ऐलान किया है। वर्षों तक सक्रिय राजनीति में रहकर क्षेत्र में मजबूत जनाधार बनाने वाले द्विवेदी के इस फैसले से स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।बुधवार को अपने समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों के बीच भावुक संबोधन में नागेश्वर द्विवेदी ने भारतीय जनता पार्टी से त्यागपत्र देने की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय आसान नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी छोड़ने के पीछे व्यक्तिगत कारण भी रहे, साथ ही लगातार बढ़ते दायित्वों के चलते समय का अभाव भी एक अहम वजह बना। इसके अलावा कार्यकर्ताओं की अनदेखी और जमीनी आवाजों के दबने से वे आहत थे। उन्होंने कहा कि उनके लिए हमेशा समाज और सत्य सर्वोपरि रहा है।नागेश्वर द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा, “मैं राजनीति छोड़ नहीं रहा हूं, बल्कि अपने मूल रास्ते—पत्रकारिता और जनसेवा—पर लौट रहा हूं। अब मेरी कलम ही मेरा हथियार होगी और मैं हर दबे-कुचले की आवाज बनूंगा।”
पत्रकारिता से शुरू हुई थी जनसेवा की यात्रा……
नागेश्वर द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को उठाया और शासन-प्रशासन तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का मिशन रहा है।
राजनीति में मजबूत पकड़, लेकिन बदली परिस्थितियां…..
वर्ष 2000 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और लगातार जनसेवा के कार्यों में जुटे रहे। वर्ष 2005 में उनके बड़े भाई बागेश्वर द्विवेदी के जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद उनका प्रभाव और बढ़ा। वर्ष 2010 में खुद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ते हुए उन्हें मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन क्षेत्र में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई।बहुजन समाज पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। भाजपा में रहते हुए उन्होंने कई वर्षों तक निष्ठा से कार्य किया और संगठन को मजबूती देने में भूमिका निभाई।अपने त्यागपत्र के पीछे का कारण बताते हुए द्विवेदी ने कहा कि समय के साथ पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी बढ़ती गई। कुछ चुनिंदा लोगों का प्रभाव बढ़ने से समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी दोहराया कि निजी कारणों और समय की कमी के चलते वे संगठन को उतना समय नहीं दे पा रहे थे, जितना देना चाहते थे।नागेश्वर द्विवेदी ने घोषणा की कि वह अब पूरी तरह पत्रकारिता और समाजसेवा के जरिए जनता की समस्याओं को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, युवा, महिला और गरीब वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाना ही उनका लक्ष्य रहेगा।उन्होंने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि उनका विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और आगे भी वे समाज के अधिकारों और न्याय की लड़ाई पूरी ईमानदारी के साथ लड़ते रहेंगे।नागेश्वर द्विवेदी के इस फैसले को मोहनलालगंज क्षेत्र में एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उनके समर्थकों का मानना है कि पत्रकारिता में उनकी वापसी से क्षेत्र की समस्याएं और अधिक मजबूती से सामने आएंगी।
सूर्या न्यूज़ संवाददाता राम सुमन रावत,लखनऊ


