झाँसी : मंडलायुक्त ने स्वयं मरीज़ बनकर ऑनलाइन OPD करने वाले डॉक्टर्स को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर की कार्यवाही–

*झाँसी : मंडलायुक्त ने स्वयं मरीज़ बनकर ऑनलाइन OPD करने वाले डॉक्टर्स को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर की कार्यवाही—-*
(ब्यूरो रिपोर्ट-अमित मिश्रा,सूर्या न्यूज़ 24,झाँसी)

झाँसी मंडल के मरीजों को उनके नज़दीक के स्वास्थ्य केन्द्र से ऑनलाइन जोड़कर वरिष्ठ चिकित्सकों के परामर्श के लिये चलायी जा रही ऑनलाइन OPD व्यवस्था की उस समय हकीकत सामने आ गयी,जब झाँसी मंडल के मंडलायुक्त-बिमल कुमार दुबे (IAS) स्वयं एक मरीज़ बनकर कॉल लगाने लगे….
कुछ चिकित्सक दिखते हुये भी कॉल अटेन्ड नहीं कर रहे थे तो कुछ ने अपना वीडियो बंद कर रखा था और कुछ चिकित्सक तो अपने निर्धारित समय पर ऑनलाइन भी नहीं दिख रहे थे जिस पर कमिश्नर ने सख्त रूख दिखाते हुये तथा A.D (Health)-डॉ० सुमन को कार्यवाही के निर्देश दिये….
सर्वविदित है कि मण्डलायुक्त स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सुधार हेतु लगातार पहल कर रहे हैं।हाल ही में उनके द्वारा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मण्डलीय समीक्षा बैठक की गयी थी जिसमें प्रस्तुत किये गये आंकड़ों की सच्चाई जानने के लिये आज दोपहर उन्होंने एक C.H.O को अपने कक्ष में बुलाकर अपने आप को मरीज के रूप में पंजीकृत कराते हुये जिला चिकित्सालय,मेडिकल कॉलेज और नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों के मेडिकल ऑफिसर से ऑनलाइन कन्सलटेशन के लिये कॉल बुकिंग की गयी….
मेडिकल कॉलेज के ऑनलाइन OPD हब में कॉल करने पर किसी चिकित्सक ने कॉल अटेन्ड नहीं किया,फिर उन्होंने जिला चिकित्सालय झाँसी में कॉल लगाया जहाँ के दो चिकित्सक-डॉ० प्रताप सिंह और डॉ० अनूप दिवेदी ने कॉल अटेन्ड किया परन्तु इनके अतिरिक्त और कोई चिकित्सक ऑनलाइन नहीं पाया गया।फिर कमिश्नर ने नाम बदलकर नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सकों से परामर्श चाहा तो डॉ० मूलचन्द्र वर्मा ने वीडियो कॉल अटेन्ड नहीं किया,जिस पर कमिश्नर ने सख्त नाराज़गी व्यक्त की।मरीज बनकर कॉल लगाने का सिलसिला लगभग 30 मिनट तक जारी रहा और कमिश्नर ने लगभग 10 चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श हेतु कॉल किया….
कमिश्नर द्वारा ऑनलाइन OPD व्यवस्था की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने एवं पोर्टल पर पंजीकृत सभी चिकित्सकों को निर्धारित समय ऑनलाइन रहने के निर्देश दिये गये,जो चिकित्सक और C.H.O ऑनलाइन OPD सेवाओं में रूचि नहीं लेंगे उनके विरूद्ध कार्यवाही के लिये कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि ई-संजीवनी OPD सेवा की नियमित निगरानी के लिए रियल-टाइम कॉल ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए….
मौके पर उपस्थित A.D (Health)-डॉ० सुमन और मण्डलीय परियोजना प्रबंधक-आनन्द चौबे एवं रीजनल मैनेजर-सुरेन्द्र सिंह तथा दिगारा देवेन्द्र कुमार उपस्थित रहे….
*क्या है “ई-संजीवनी” ओ.पी.डी.*
“ई-संजीवनी” एक डिजिटल स्वास्थ्य सेवा है,जिसके द्वारा मरीजों को घर बैठे या उनके नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से P.H.C/C.H.C जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का चिकित्सकीय परामर्श एक ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है और चिकित्सक के द्वारा जो दवाएँ लिखी जाती हैं उन्हें उस केन्द्र के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाती हैं।इस सेवा से मरीज को लंबी दूरी तय कर किसी चिकित्सालय जाने की जरूरत नहीं होती है।
