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बगहा में झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही से जच्चा बच्चा की हुई मौत,झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार।

बगहा में झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही से जच्चा बच्चा की हुई मौत,झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार। बिहार डेस्क/बगहा।बगहा नगर थाना क्षेत्र के चखनी गांव में बुधवार की दोपहर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हुई हैं।जब एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा की गई लापरवाही भरे ऑपरेशन में प्रसव पीड़िता महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने खूब बवाल काटा, सूचना पर पहुंची बगहा नगर थाना की पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर मनोज कुमार यादव को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।वही मृतका की पहचान मुन्नी देवी 25 वर्षीय के रूप में हुई है,जिसकी शादी धनहा थाना क्षेत्र के रविंद्र राम से हुई थी। घटना के वक्त वह अपने पिता चन्द्रिका राम के घर नगर थाना के बनचहरी गांव में रह रही थी। समाचार के मुताबिक बुधवार सुबह मुन्नी की चाची रामवती देवी उसे अनुमंडलीय अस्पताल सुरक्षित प्रसव के लिए लेकर पहुंचीं, जहां चिकित्सकों ने खून की कमी बताते हुए उसे जीएमसी बेतिया रेफर कर दिया। स्वजन जब बेतिया जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी छत्ररोल निवासी गंगाजली देवी ने उन्हें बरगलाया और चखनी गांव में एक तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गईं।उसी का नतीजा रहा कि बुधवार को ऑपरेशन टेबल पर ही 20 वर्षीय मुन्नी देवी और उसका नवजात बच्चा जिंदगी की जंग हार गए। इतना ही नहीं सबसे चौंकाने वाला बात तो यह है कि जिस घर में वह ईलाज और ऑपरेशन करता था।वह कच्चा मकान और छत के जगह पर अल्बेस्टर रखा गया हुआ था।मुन्नी के भाई चंदन कुमार, जो बंचहरी गांव के निवासी हैं,उसने बताया कि उनकी बहन को पहली बार संतान होनी थी। जब प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो परिजन उसे अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। वहाँ से उसे बेतिया रेफर कर दिया गया। लेकिन अस्पताल की ममता गंगाधरी देवी ने सलाह दी कि बेतिया ले जाने की जरूरत नहीं है, पास में ही एक अच्छा डॉक्टर है। यही कहकर वे उसे झोलाछाप डॉक्टर मनोज यादव के स्काई हेल्थ केयर क्लिनिक लेकर आई।उक्त झोलाछाप डॉक्टर द्वारा की गई लापरवाही भरे ऑपरेशन में मेरी बहन और उसके नवजात की मौत हो गई। बगहा थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ हत्या व लापरवाही समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में दर्जनों झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं। डीएम के आदेश के बावजूद अवैध क्लिनिकों की न तो नियमित जांच हो रही है और न ही उन पर कार्रवाई। स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि कब तक इन झोलाछाप डॉक्टरों का मनमाना राज चलता रहेगा और स्वास्थ्य विभाग कब तक मूकदर्शक बना रहेगा। अब मांग उठ रही है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाए और पूरे जिले में अवैध क्लिनिकों की व्यापक जांच कराई जाए।

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