सावन के अंतिम सोमवार को बगहा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न शिवालयों में शिव भक्तों उमड़ा रहा जनसैलाब,हर हर महादेव,बम-बम भोले की रही गूंज
सावन के अंतिम सोमवार को बगहा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न शिवालयों में शिव भक्तों उमड़ा रहा जनसैलाब,हर हर महादेव,बम-बम भोले की रही गूंज


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शिवालयों में दिनभर भक्तों का लगा तांता… विधि विधान से पूजा अर्चना करते दिखें शिव भक्तगण
पूरा शहर हर हर महादेव, ॐ नमः शिवाय व बोल बम के नारों से गुंजायमान रहा।
बिहार डेस्क/भास्कर दिवाकर
बगहा।सावन माह के अंतिम सोमवार को ‘संपूर्णता’ का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। सुबह से ही बगहा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में बम-बम भोले, हर हर महादेव की गूंज रही और भक्तों की भारी भीड़ शिवालयों में उमड़ी रही। वही आज रक्षाबंधन का त्योहार होने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल के साथ राखी भी अर्पित किए साथ ही सोमवार के पूर्व पहुंचे कावरियों ने सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के साथ ॐ नमः शिवाय जाप के साथ जलाभिषेक किये।बगहा नगर के सुप्रसिद्ध विश्वभ्भरनाथ मंदिर बगहा 01,भीमसेन शिव मंदिर,पुरानी शिव मंदिर नरईपुर,शिव मन्दिर सेमरा सहित वाल्मीकिनगर के विभिन्न शिव मंदिरों में जटाशंकर धाम मंदिर, महाकॉलेश्वर धाम मंदिर, चंदेश्वर महा शिव मंदिर, सीमावर्ती नेपाल के त्रिवेणी स्थित शिवालयों आदि जगहों पर अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव, बोल-बम, जय शिव आदि नारे लगते हुए श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की श्रद्धा से पूजा- अर्चना और जलाभिषेक किये। वही अंतिम सोमवार को सभी शिवालयों में भंडारा का आयोजन किया तो कही महादेव के भजन कीर्तन का आयोजन किया गया तो वही डीजे पर बजते भक्ति गीतों पर शिव भक्त नाचते दिखें साथ झारी खेलते दिखें।बगहा के विभिन्न शिवालयों के पुजारियों ने बताया कि सावन महीने के अंतिम सोमवार को संपूर्णता’ का प्रतीक माना गया हैं।आज शिव की पूजा- अर्चना करने से हर मुरादे पूरी होती है। मानव जाति का कल्याण होता है।इस अवसर पर शिवालयों में हजारों हजार की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।


