वाल्मीकिनगर में जंगल सफारी
वीटीआर भ्रमण पर आए पर्यटक दिखे संतुष्ट।
वीटीआर में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों ने बाघ को देख हुए गदगद।
बिहार डेस्क/वाल्मीकिनगर।वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना वन प्रमंडल 2 के बिहार का कश्मीर कहे जाने वाले वाल्मीकिनगर में स्थित इकलौता इको टूरिज्म पर्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी ख्याति तेजी से बटोर रहा है। वीटीआर की नैसर्गिक और भौगोलिक सुंदरता और जंगली जानवरों का दीदार की लालसा लिए दुनिया भर से लोग वीटीआर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में बिहार के बेगुसराय से पहुंचे पर्यटकों को रविवार की सुबह जंगल सफारी के दौरान नजदीक से बाघ का दीदार करने का मौका मिला। जिसे देखकर पर्यटक काफी रोमांचित व गदगद हो गए। बेगुसराय के सदानंदपुर गांव से आए पर्यटक रमन कुमार, कुमारी तुलसी, प्रगति कुमारी और नितेश कुमार ने बताया कि हम चार लोग पहली बार बेगुसराय से वीटीआर भ्रमण पर आए हैं। और पहले ही सफारी के दौरान बाघ का दीदार काफी नजदीक से करने को मिला। जिससे हम काफी प्रसन्न और रोमांचित हुए हैं। पहले केवल हम लोग नाम ही सुना करते थे। लेकिन नजदीक से वन्य जीवों को देखकर हमे एक अलग ही अनुभूति प्राप्त हो रही है। हालांकि हमे मोर, भालू, हिरण आदि को भी देखने का मौका मिला। परंतु बाघ का दिखना काफी रोमांचकारी रहा। मौका मिला तो फिर हम और भी मित्र तथा परिवार के साथ वीटीआर भ्रमण पर आएंगे। इस बाबत वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र के रेंजर शिवकुमार राम ने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता है, कि वीटीआर भ्रमण पर आए पर्यटक संतुष्ट हो।ताकि वीटीआर का छवि विश्व पटल पर तेजी से उभरे। इस दिशा में वन प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

