पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित किया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला।
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित किया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला।
बगहा।पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार की ओर से बुधवार को बगहा नगर परिषद के मीना बाजार स्थित लक्ष्मी मैरिज हॉल में बुधवार बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद पर केंद्रित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायत, प्रखंड एवं जिला स्तर पर गठित जैव विविधता प्रबंधन समितियों के सदस्यों को जैव संसाधनों के संरक्षण, उनके सतत उपयोग और उनसे संबंधित परंपरागत ज्ञान के संरक्षण हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना था।कार्यशाला का उद्घाटन बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद के संयुक्त निदेशक हेमकांत राय ने किया। उनके साथ विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं क्षेत्रीय वन पदाधिकारी,पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव, समाजसेवी निप्पू कुमार पाठक,भाजपा नेत्री सुषमा सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समुचित संचालन वन क्षेत्र बगहा के रेंजर सुनील कुमार द्वारा किया गया, जो इस आयोजन के व्यवस्थापक भी रहे। संयुक्त निदेशक हेमकांत राय ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला।हेमकांत राय ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर जैव विविधता का संरक्षण न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका और पारंपरिक ज्ञान की निरंतरता के लिए भी अनिवार्य है। प्रशिक्षण में जैव विविधता अधिनियम 2002, बायोलॉजिकल डायवर्सिटी रूल्स 2004, लाभ-साझाकरण की विधियां, पारंपरिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण, पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (पीबीआर) आदि विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी।प्रतिभागियों को बताया गया कि जैव संसाधनों के असंतुलित दोहन से न केवल पारिस्थितिक तंत्र पर असर पड़ता है, बल्कि इससे स्थानीय समुदायों के जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसीलिए जैव संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों को स्थानीय समुदायों के बीच समान रूप से साझा करने की आवश्यकता है।इस मौके पर कई पंचायतों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जैव विविधता से जुड़े अनुभव साझा किए और भविष्य में इसके संरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर ठोस प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही जैव विविधता संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।इस कार्यशाला आयोजन होने से जैव विविधता के संरक्षण और प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय समुदायों को जैव संसाधनों के महत्व और उनके संरक्षण के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा सकेगा।मौके पर पंचायत चुनाव प्रमोद कुशवाहा आदि तमाम गणमान्य और आम जन मौजूद रहे।










