गणतंत्र दिवस पर एपी पाठक का सामाजिक समरसता का संदेश, दलित बस्ती में फहराया तिरंगा।
गणतंत्र दिवस पर एपी पाठक का सामाजिक समरसता का संदेश, दलित बस्ती में फहराया तिरंगा।
बिहार डेस्क,बेतिया।गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह एपी पाठक ने अपनी मातृभूमि बड़गो स्थित दलित बस्ती में तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय पर्व को सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने दलित एवं वंचित परिवारों के बच्चों के बीच पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया और शिक्षा को उनका मौलिक अधिकार बताते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।एपी पाठक ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, न्याय और गरिमा के अधिकारों की याद दिलाने का दिन है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी समान अवसर और अधिकार दिए हैं, और इन्हें धरातल पर उतारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।एपी पाठक ने दलित बस्ती के युवाओं से बाबु धाम ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कार और सेवा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से अपने चारित्रिक, सामाजिक और नैतिक विकास पर ध्यान देने की अपील की ताकि वे स्वयं के साथ-साथ समाज के लिए भी सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकें।इस अवसर पर बाबु धाम ट्रस्ट द्वारा गरीबों, दलितों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि ट्रस्ट शिक्षा, सामाजिक न्याय, समान अवसर, जागरूकता एवं मानव गरिमा की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। ट्रस्ट का उद्देश्य संविधान की मूल भावना न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और बच्चों ने एपी पाठक के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया और संविधान के मूल्यों पर चलने का इक्षा जताया।



