पढ़ाई के दौरान कैंसर से चली गई पिता की जान, गोरखपुर एम्स से एमबीबीएस बन राष्ट्रपति से सम्मानित हुआ बगहा का लाल।
पढ़ाई के दौरान कैंसर से चली गई पिता की जान, गोरखपुर एम्स से एमबीबीएस बन राष्ट्रपति से सम्मानित हुआ बगहा का लाल।
बिहार डेस्क/बगहा।गोरखपुर एम्स से एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त करने वाले डॉक्टरों का प्रथम बैच पास आउट हो चुका है। जिनके दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं और गोरखपुर एम्स के प्रथम एमबीबीएस बैच को शुभकामनाएं देते हुए देश सेवा के पथ पर रवाना किया। इसी बैच में शामिल थे बगहा के प्रसिद्ध व्यवसाई दिवंगत अवधेश भावसिंका के पुत्र तुषार रंजन भावसिंका हैं। जिन्होंने 2019 के नीट परीक्षा में ऑल इंडिया 1818 रैंक लाकर गोरखपुर एम्स के प्रथम एमबीबीएस बैच में एडमिशन लिया। बेटे की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे परिवार में हर्ष का माहौल था लेकिन तुषार रंजन के एमबीबीएस के तीसरे वर्ष में उनके पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई। पिता को खो कर वे अंदर से टूट चुके थे लेकिन कैंसर से पिता की मृत्यु ने उनके चिकित्सक मन को एक मजबूती दी कि देश और समाज की बीमारियों से लड़ने में उन्हें सहयोगी बनना है और सर्जन बनकर बगहा वासियों और देश को सेवा प्रदान करनी है। अब डॉक्टर बन चुके तुषार रंजन की प्रारंभिक शिक्षा बगहा के सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई थी। छठी क्लास के बाद उन्होंने सैनिक स्कूल गोपालगंज में पात्रता परीक्षा प्राप्त कर 12वीं तक शिक्षा ग्रहण कर 2019 के नीट परीक्षा में 1818 रैंक लाकर गोरखपुर एम्स के प्रथम एमबीबीएस बैच में एडमिशन लिया। आज दीक्षांत समारोह में बेटे को भारत की राष्ट्रपति से सम्मानित होने के बाद मां नेहा देवी और बड़े भाई का सर गर्व से ऊंचा हो गया है।



