
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों का आरोप, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग


रिपोर्ट-दिनेश आर्य ब्यूरो चीफ
उन्नाव। जनपद के उन्नाव सदर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली एवं कटरी पीपरखेड़ा के एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि क्षेत्र की कई बीघा सरकारी भूमि पर लंबे समय से कथित रूप से अवैध कब्जे कराए गए हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों तथा राजस्व तंत्र से जुड़े लोगों की मिलीभगत से भूमिधरी भूमि से अधिक क्षेत्रफल का विक्रय कर सरकारी भूमि पर कब्जे कराए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि ग्राम का मूल राजस्व नक्शा गायब होने के कारण भूमि संबंधी विवाद और बढ़ गए हैं तथा वर्तमान में गलत अभिलेखों के आधार पर कार्यवाही किए जाने से किसानों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसके पास ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से ग्राम की सरकारी भूमि, किसानों की वास्तविक कृषि भूमि तथा कथित अवैध कब्जों की पहचान की जा सकती है। उसका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो छह माह के भीतर भूमि की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सकती है।
शिकायतकर्ता ने प्रदेश सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा सरकारी भूमि के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही उसने अपनी प्रस्तावित योजना को शासन स्तर पर प्रस्तुत करने की इच्छा भी जताई है। फिलहाल शिकायत के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि मामले की जांच होती है तो आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



