जिला उन्नाव/गंगाघाट-शुक्लागंज से
बड़ी खबरमरहला चौराहे के निकट अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, राजस्व विभाग और केडीए की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न?

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जिला उन्नाव/गंगाघाट-शुक्लागंज से
बड़ी खबरमरहला चौराहे के निकट अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्यों पर उठे सवाल, राजस्व विभाग और केडीए की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न?
सूर्या न्यूज़ 24 | विशेष रिपोर्ट नफीस खान

गंगाघाट-शुक्लागंज क्षेत्र के मरहला चौराहे के निकट नेतुवा मजरा सरैया इलाके में कथित रूप से बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (धारा 143) एवं आवश्यक स्वीकृतियों के प्लाटिंग और भवन निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस क्षेत्र में 60 से 70 हजार रुपये प्रति गज की दर से प्लाटों की बिक्री की गई है, जबकि भूमि के आवासीय उपयोग संबंधी वैधानिक प्रक्रियाओं के पूर्ण होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
आरोप है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया है तो संबंधित विभागों द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यह भी चर्चा है कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों के कारण सरकार को राजस्व हानि हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि राजस्व विभाग और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) संयुक्त रूप से क्षेत्र का सर्वे कर यह स्पष्ट करें कि संबंधित भूमि पर निर्माण और प्लाटिंग वैध है या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण अथवा राजस्व वसूली जैसी कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए लोगों का कहना है कि उच्च अधिकारियों को निर्माणाधीन एवं निर्मित भवनों की पुनः जांच करानी चाहिए ताकि सरकारी राजस्व की क्षति को रोका जा सके और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
नोट: उक्त आरोप स्थानीय सूत्रों एवं क्षेत्रीय चर्चाओं पर आधारित हैं। संबंधित विभागों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया
