जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर हजारों की वसूली?
एक साल से भटक रहा गरीब किसान, अब सोशल मीडिया पर लगाई न्याय की गुहार!

जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर हजारों की वसूली?
एक साल से भटक रहा गरीब किसान, अब सोशल मीडिया पर लगाई न्याय की गुहार!

उन्नाव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मियागंज ब्लॉक के मवई ब्राह्मण गांव के रहने वाले निर्मेश गौड़ का आरोप है कि वह अपनी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले एक साल से पंचायत सहायक के चक्कर काट रहे हैं।
निर्मेश गौड़ का कहना है कि उनसे पहले ₹1,100, फिर ₹1,000 और उसके बाद ₹1,100 लिए गए। यानी कुल ₹3,200 वसूल लिए गए, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र आज तक नहीं मिला।
आरोप तो यहां तक है कि जब उन्होंने प्रमाण पत्र मांगा, तो उनसे ₹1,000 और मांगे गए। सवाल यह है कि क्या एक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में ₹4,200 खर्च होते हैं, या फिर गरीबों से खुलेआम वसूली की जा रही है?
पीड़ित का यह भी कहना है कि उसने वेद नाम के व्यक्ति से भी गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
अगर ये आरोप सही हैं, तो यह सिर्फ एक किसान के साथ अन्याय नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
अब देखना होगा कि उन्नाव जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं। क्या पीड़ित को उसकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र मिलेगा? क्या कथित रूप से लिए गए पैसे वापस होंगे? और अगर गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं?


