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7 महीनों में 10 से अधिक युवाओं की मौत, गांव में मातम… आखिर जिम्मेदार कौन?*

उन्नाव से एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

स्पेशल स्टोरी | उन्नाव

,7 महीनों में 10 से अधिक युवाओं की मौत, गांव में मातम… आखिर जिम्मेदार कौन?*

सूर्या न्यूज़ 24 | जिला उन्नाव
स्पेशल रिपोर्ट: नफीस खान

उन्नाव से एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के मैनीखेड़ा गांव में पिछले सात महीनों के दौरान 10 से अधिक युवाओं की मौत होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीण इन मौतों के पीछे क्षेत्र में बिक रही देशी शराब को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही हो सकती है, लेकिन लगातार हो रही मौतों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखिए नफीस खान की यह विशेष रिपोर्ट।

उन्नाव मुख्यालय से सटे सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक का मैनीखेड़ा गांव इन दिनों दर्द, मातम और आंसुओं की कहानी बयां कर रहा है। लगभग 700 की आबादी और 250 परिवारों वाले इस गांव में हर चौपाल पर एक ही चर्चा है—उन युवाओं की, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे।
ग्रामीणों का दावा है कि बीते सात महीनों में 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 10 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है। जिन कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं, जो अपने माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा थे, आज उनकी तस्वीरें घरों की दीवारों पर टंगी दिखाई देती हैं।कई परिवारों में मातम का माहौल है। किसी ने अपना इकलौता बेटा खोया है तो किसी परिवार के दो-दो जवान बेटे असमय मौत का शिकार हो गए। बुजुर्ग माता-पिता अपने बच्चों की याद में आंसू बहा रहे हैं। गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा इस दर्द को साफ बयां करता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करोवन मोड़ स्थित देशी शराब के ठेके से खरीदी गई शराब का सेवन करने वाले कई युवाओं की बाद में मौत हो गई। हालांकि इस संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है।लगातार हो रही मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है। यदि एक ही क्षेत्र में बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही थीं तो क्या शराब की गुणवत्ता की जांच की गई? क्या बिक्री के मानकों का पालन कराया गया? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो शायद कई परिवार उजड़ने से बच सकते थे।मैनीखेड़ा गांव की यह कहानी केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि उन परिवारों की है जिनके घरों के चिराग बुझ चुके हैं। आज गांव के लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और आबकारी विभाग पर टिकी हैं। सवाल यह है कि इन मौतों के वास्तविक कारण क्या हैं? यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
बाइट – ग्रामीण
बाइट – मृतक के परिजन
बाइट – अनुराग मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी उन्नाव
आउट्रो
फिलहाल प्रशासनिक जांच और मेडिकल तथ्यों के सामने आने का इंतजार है। लेकिन मैनीखेड़ा गांव के लोगों की मांग साफ है—मौतों की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

Suraj Kumar

Chief Editor - Surya News 24 Edior - Preeti Vani & Public Power Newspaper Owner - Etion Network Private Limited President - Suraj Janhit Association Address - Deeh Deeh Unnao UP Office Address - 629,Moti Nagar Unnao

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