झाँसी जनपद के अधिशासी अभियंता (विद्युत विभाग)-रविन्द्र कुमार ने विद्युत उपभोक्ताओं हेतु दी महत्वपूर्ण जानकारी-

अधिशासी अभियंता (विद्युत विभाग,झाँसी)-रविन्द्र कुमार
झाँसी जनपद के अधिशासी अभियंता (विद्युत विभाग)-रविन्द्र कुमार ने विद्युत उपभोक्ताओं हेतु दी महत्वपूर्ण जानकारी-

(ब्यूरो रिपोर्ट-अमित मिश्रा,झाँसी,उ०प्र०)
झाँसी जनपद के विद्युत उपभोक्ताओं को अधिशाषा अभियंता (विद्युत विभाग)-रवीन्द्र कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) की विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 तथा टैरिफ आदेश,वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के अनुसार,(दिनाँक-01.04.2025 से 31.03.2026 तक की बिलिंग अवधि के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने 03 बार स्वीकृत भार का उल्लंघन किया है।उन उपभोक्ताओं के द्वारा प्रयोग की गई 03 अधिकतम मांग (Maximum Demand) रीडिंगों में से न्यूनतम अधिकतम मांग के आधार पर उपभोक्ता के स्वीकृत भार (Sanctioned Load) का पुनर्निर्धारण (Regularisation) किया गया है….
उन्होंने बताया कि भार वृद्धि के उपरान्त उपभोक्ताओं को सूचना दिया जाना प्रावधानित है जबकि पहले भार वृद्धि के पूर्व सूचना दिये जाने का प्रावधान था।इसके लिए SMS के माध्यम से उपभोक्ताओं को सूचना भेजी जा रही है।….
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान टैरिफ प्रावधानों के अनुसार स्वीकृत भार से अधिक भार प्रयोग करने पर Excess Demand Charges (अधिक मांग प्रभार) देय है।घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह 100% तथा घरेलू श्रेणी के अतिरिक्त अन्य उपभोक्ताओं के लिए 200% की दर से देय है….
उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता का स्वीकृत भार नियमानुसार पुनर्निर्धारित (Regularise) हो जाता है,तब स्वीकृत भार के भीतर भार प्रयोग पर Demand penalty (अधिक मांग प्रभार) नहीं लगेगी।स्वीकृत भार सही होगा तो विद्युत नेटवर्क (लाईन एवं ट्रांसफार्मर) को डिस्काम भार के अनुरूप विकसित कर पायेंगे।इससे विद्युत नेटवर्क में कम फाल्ट होंगे एवं ट्रांसफार्मर कम क्षतिग्रस्त होंगे।उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति दी जा सकेगी।



