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*🚨 बड़ी खबर | शुक्लागंज, जनपद उन्नाव*

*कोतवाली गंगाघाट पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल,पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच की मांग की?*
गिरजा शंकर मिश्रा पर दर्ज मुकदमों की संख्या निम्नलिखित इस प्रकार😱?
1. मु०अ०सं० 444/03 धारा 498A,495,504,506 I.P.C. 3/4D.P.Act थाना गंगाघाट, उन्नाव
2. मु०अ०सं० 493/11 धारा 448,323,504,506 I.P.C. थाना गंगाघाट, उन्नाव
3. मु०अ०सं० 2066A/12 धारा 419/420/467/468/471 थाना कोतवाली सदर, उन्नाव
4. मु०अ०सं० 2113/12 धारा 419/420/467/468/471/120b थाना कोतवाली सदर, उन्नाव
5. मु०अ०स० 440/15 धारा 419/420/467/468/471/120b थाना गंगाघाट, उन्नाव
6. मु०अ०सं० 458/15 धारा 419/420/467/468/471/120b थाना गंगाघाट, उन्नाव
7. मु०अ०सं० 624/15 धारा 419/406/420/467/468/471/120b थाना कोतवाली कानपुर नगर
8. मु०अ०सं० 95/16 धारा 419/420/467/468/471 थाना गंगाघाट, उन्नाव
9. मु०अ०सं० 115/16 धारा 2/3 यूपी गैंगस्टर एक्टथाना गंगाघाट, उन्नाव
10. मु०अ०सं० 418/21 धारा 147/148/149/352/323/504/506/307/392/427 थाना गंगाघाट,
उन्नाव
11. मु०अ०सं० 490/23 धारा 323/504/506 थाना गंगाघाट, उन्नाव
*सूत्रों से सफेद पोस्ट सत्ता धारियों के संरक्षण में फल फूल रहा है गिरजा शंकर मिश्रा जैसे भूमाफिया का गरीबों की जमीन और घर पर कब्जा करने का कोतवाली गंगाघाट जनपद उन्नाव में यह गोरख धंधा?*
क्या योगी जी के राज्य में इन पीड़ितों के मामले की सुनवाई आखिर कब होगी?
सूर्या न्यूज 24 जनपद उन्नाव से नफीस खान
शुक्लागंज (उन्नाव)। क्षेत्र के कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गिरजा शंकर मिश्रा के विरुद्ध पूर्व में विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे क्षेत्र में भूमि संबंधी विवादों और कथित अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, गिरजा शंकर मिश्रा के विरुद्ध गंगाघाट, कोतवाली सदर उन्नाव तथा कानपुर नगर में विभिन्न धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। हालांकि, इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति, आरोपों की सत्यता तथा न्यायालय द्वारा दिए गए अंतिम निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो रही है। इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों या अन्य संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है।
पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक उन्नाव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
