दुकान में स्विफ्ट कार की टक्कर, गर्म तेल गिरने से दुकानदार घायल होने का दावा?
दुकानदार के छोटे भाई को कार से कुचलने के कथित प्रयास का वीडियो वायरल?


बड़ी खबर | कानपुर नगर
दुकान में स्विफ्ट कार की टक्कर, गर्म तेल गिरने से दुकानदार घायल होने का दावा?
दुकानदार के छोटे भाई को कार से कुचलने के कथित प्रयास का वीडियो वायरल?
कार पर पुलिस का चिन्ह होने का दावा, चिन्ह के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल,?
सूर्या न्यूज़ 24 | कानपुर नगर से रिपोर्टर — नफीस खान
कानपुर नगर। चकेरी थाना क्षेत्र के ओम पुरवा इलाके से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक फास्ट फूड दुकान में स्विफ्ट कार की टक्कर और इसके बाद दुकानदार के छोटे भाई को कार से कुचलने के कथित प्रयास का वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है।
पीड़ित दुकानदार सज्जाद की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय और थाना प्रभारी चकेरी को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे एक कार दुकान की ओर आई और दुकान में टक्कर मार दी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि टक्कर के चलते दुकान में रखा गर्म तेल गिर गया, जिससे उसके पैर/शरीर पर चोट आई। साथ ही मोबाइल टूटने और दुकान में नुकसान होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद कार मौके से चली गई। शिकायत में वाहन का नंबर UP 32 KZ 8551 बताया गया है।
करीब 12:08 बजे दोबारा सामने आई कार?
शिकायतकर्ता का दावा है कि करीब रात 12:08 बजे वही कार दोबारा दुकान के आसपास दिखाई दी। इसके बाद दुकानदार के छोटे भाई ने वाहन को रोककर चालक से पहले हुई घटना के संबंध में बातचीत करने का प्रयास किया।
आरोप है कि इसी दौरान कार चालक ने कथित रूप से वाहन को दुकानदार के छोटे भाई की ओर तेज गति से बढ़ाया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, छोटे भाई ने समय रहते खुद को बचा लिया और गंभीर हादसा होने से बच गया।
घटना से संबंधित CCTV फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का दावा किया गया है। वीडियो में वाहन चालक का चेहरा दिखाई देने की बात भी शिकायतकर्ता ने कही है।
कार पर पुलिस का चिन्ह होने का दावा—कई सवाल?
इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल सामने आया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित कार पर उत्तर प्रदेश पुलिस का चिन्ह अंकित दिखाई देता है।
अगर जांच में यह चिन्ह वास्तव में पुलिस विभाग से संबंधित पाया जाता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वाहन का इस्तेमाल कौन कर रहा था और उस वाहन पर पुलिस का चिन्ह किस आधार पर लगा था?
लेकिन सबसे अहम सवाल यह है—क्या किसी व्यक्ति को, चाहे वह पुलिस से जुड़ा हो या आम नागरिक, किसी दूसरे व्यक्ति की जान को खतरे में डालने या उसे वाहन से कुचलने का अधिकार है?
कानून सभी के लिए समान है। यदि वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति की भूमिका और वाहन पर पुलिस चिन्ह के इस्तेमाल—दोनों की जांच आवश्यक होगी।
वहीं, यदि वाहन पर पुलिस का चिन्ह अनधिकृत रूप से लगाया गया है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि ऐसा चिन्ह वाहन पर कैसे और किस उद्देश्य से लगाया गया।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से भी पुलिस को दी गई थी।
अब शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस आयुक्त कानपुर नगर से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच और कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, वायरल बताए जा रहे वीडियो की वास्तविकता, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान, वाहन पर पुलिस चिन्ह की वास्तविकता और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

