वाल्मीकिनगर विधायक ने ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री से मिलकर अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में जनहित में सड़क एवं पुल निर्माण कराने की मांग की।
वाल्मीकिनगर विधायक ने ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री से मिलकर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में जनहित में सड़क एवं पुल निर्माण कराने की मांग की।
—– विधायक ने पत्र में बगहा-2, मधुबनी प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है,जिससे हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
बिहार डेस्क,बगहा।वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़क,पुल-पुलियों के अभाव और बरसात के दिनों में टूटने वाले संपर्क मार्गों की समस्या को लेकर वाल्मीकिनगर विधानसभा के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने पहल की है। उन्होंने मंत्री,ग्रामीण कार्य विभाग,बिहार सरकार डॉ.अशोक चौधरी से मिलकर पत्र उन्हें सौंपते हुए वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण गांवों और पंचायतों में सड़क एवं पुल निर्माण कराने की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आवागमन की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।कई जगहों पर नदियों, नालों और बरसाती जलधाराओं पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क लगभग टूट जाता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के ईलाज, किसानों की उपज की ढुलाई और आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ता है। विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने पत्र के माध्यम से विशेष रूप से बगहा-2, मधुबनी प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है। इनमें बगहा दो प्रखंड के मझौवा टेंगराहा नदी पर नए पुल का निर्माण, सिधाव से जरार तक नई सडक एवं आवश्यक पुल का निर्माण,सीरिसिया मिशन स्कूल के पूर्वी छोर से बेलहवा तक सड़क एवं पुल का निर्माण, ढोलबजवा गाँव से हथुवनवा के रास्ते में अप्रोच रोड सहित पुल का निर्माण और मधुबनी प्रखंड के मधुबनी से बलुवाठोडी गाँव तक सड़क एवं पुल का निर्माण जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। विधायक ने कहा है कि इन योजनाओं के पूरा होने से हजारों ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय और बाजारों तक सीधा संपर्क मिलेगा। इससे न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी बल्कि स्थानीय व्यवसाय और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी भारी सहायता मिलेगी साथ ही रोजगार के अवसर भी बेहतर होंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए इन योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। ग्रामीणों का भी मानना है कि यदि इन प्रस्तावित सड़कों और पुलों का निर्माण हो जाता है, तो वर्षों से चली आ रही आवागमन की बड़ी समस्या दूर हो जाएगी और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।




