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सरकारी सेवा, खेल और दिव्यांगजन सशक्तिकरण में योगदान के लिए बगहा के विवेक कुमार को ‘बिहार गौरव अवॉर्ड’

सरकारी सेवा, खेल और दिव्यांगजन सशक्तिकरण में योगदान के लिए बगहा के विवेक कुमार को ‘बिहार गौरव अवॉर्ड’।

रक्षा सेवाओं में लेखा परीक्षक के पद पर कार्यरत विवेक कुमार ने राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में किया बिहार का प्रतिनिधित्व।

बिहार,बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल निवासी और वर्तमान में पटना में रक्षा सेवाओं के अंतर्गत लेखा परीक्षक (Auditor) के पद पर कार्यरत विवेक कुमार को उनकी बहुआयामी उपलब्धियों के लिए ‘बिहार गौरव अवॉर्ड–2026’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 27 अगस्त 2026 को सरकारी सेवा में समर्पण, खेल क्षेत्र में योगदान तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे सामाजिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया।साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले विवेक कुमार ने विपरीत परिस्थितियों के बीच शिक्षा, रोजगार, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनके पिता मुन्ना चौधरी किसान एवं दुकानदार हैं, जबकि माता लालपरी देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।विवेक कुमार वर्तमान में पटना में रक्षा सेवाओं के अंतर्गत लेखा परीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। वे सरकारी सेवा को केवल रोजगार नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र एवं समाज की सेवा का माध्यम मानते हैं। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारी की पहचान उसके पद से अधिक कार्य के प्रति निष्ठा और जनहित की भावना से होती है।विवेक कुमार का खेलों से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा है। उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण एवं रजत पदक हासिल किए हैं तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व किया है। खेल क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें बिहार सरकार द्वारा दो बार खेल सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2021 का खेल सम्मान उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इसके अलावा उन्हें ‘अजातशत्रु अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।विवेक कुमार का मानना है कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता के मार्ग में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं। उचित अवसर, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिलने पर दिव्यांगजन भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।सरकारी सेवा और खेल के साथ विवेक कुमार सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे BAPwD में बगहा अनुमंडल अध्यक्ष एवं पश्चिम चंपारण महासचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनका प्रयास दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन के लिए प्रेरित करना है।विवेक कुमार अपनी सफलता में परिवार के साथ गुरुजनों, मार्गदर्शकों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनकी यात्रा में मदर लालपरी गुप्ता हैंडिकैप्ड फाउंडेशन, बेतिया, संस्थापक आदित्य कुमार गुप्ता, अध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, BAPwD, डॉ. शिवाजी कुमार (पूर्व राज्य निशक्तता आयुक्त) तथा समर्पण स्कूल के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन का विशेष योगदान रहा है।विवेक कुमार का अगला लक्ष्य यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जामिनेशन में सफलता हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना है। उनका उद्देश्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित, जरूरतमंद और दिव्यांग वर्गों के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करना है।’बिहार गौरव अवॉर्ड–2026’ मिलने पर उन्होंने इसे अपनी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत बताया। उन्होंने सम्मान अपने माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, सहकर्मियों, खेल साथियों, सामाजिक संगठनों, मार्गदर्शकों और शुभचिंतकों को समर्पित किया।विवेक कुमार का कहना है कि संघर्ष व्यक्ति को मजबूत बनाता है, सफलता विनम्र रहना सिखाती है और उपलब्धियां तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ समाज तक पहुंचे। उनके अनुसार, व्यक्ति की पहचान उसकी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों के विरुद्ध उसके संघर्ष और संकल्प से होती है।

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