बगहा में 40 फीट ऊंचे रावण का हुआ दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश।
बगहा में 40 फीट ऊंचे रावण का हुआ दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश।

—-अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की बेहतर व्यवस्था से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
भास्कर/रोहित की खास रिपोर्ट।
बिहार डेस्क,बगहा। बगहा में विजयादशमी के अवसर पर पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ रावण दहन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।बगहा एक मलपुरवा स्थित प्रसिद्ध चंडीस्थान मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुटे। इस दौरान पूरा इलाका जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।विजयादशमी के अवसर पर बगहा में एनएच-727 गोरखपुर-बेतिया मुख्य मार्ग पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा में बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी एसडीपीओ बगहा निहार भूषण,डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी,प्रखंड बगहा-1 के बीडीओ प्रदीप कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सरोज कुमार बैठा,नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार और जदयू के पूर्व एमएलसी भीष्म सहनी सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी, जवान, गणमान्य लोग और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।बगहा के प्रसिद्ध चंडीस्थान मंदिर परिसर में वर्षों से रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष भी भव्य आयोजन के तहत हाथी के माध्यम से रावण दहन कराया गया। जैसे ही रावण के पुतले में आग लगाई गई, वह धू-धू कर जलने लगा। इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने विजयादशमी के दिन रावण का वध कर अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत स्थापित की थी। इसी स्मृति में पूरे देश में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर रावण के पुतले का दहन कर लोगों को अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और अन्याय का अंत करने का संदेश दिया जाता है।पौराणिक कथा के अनुसार, रावण द्वारा माता सीता का हरण कर उन्हें लंका में बंदी बनाकर रखा गया था। इसके बाद भगवान श्रीराम ने धर्म की रक्षा और माता सीता को मुक्त कराने के लिए रावण से युद्ध किया और अंततः उसका वध किया। यह कथा आज भी समाज को सत्य, न्याय, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।बगहा में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने भी लोगों को यही संदेश दिया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसकी हार निश्चित है। विजयादशमी का यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में हमेशा सत्य और अच्छाई का साथ देना चाहिए।पूर्व एमएलसी भीष्म सहनी ने विजयादशमी के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की बेहतर व्यवस्था से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।




