
फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी का आरोप😱?
जांच पर उठे सवाल?
सूर्या न्यूज़ 24 / कानपुर नगर से नफीस खान की रिपोर्ट

कानपुर नगर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला नगर निगम के जलकल विभाग से जुड़ा है, जहां मृतक सफाई कर्मचारी के स्थान पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जलकल विभाग में कार्यरत सफाई कर्मचारी संजू की वर्ष 2020 में बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। इसके बाद “बेबी” नाम की महिला ने स्वयं को मृतक संजू की पत्नी बताते हुए मृतक आश्रित कोटे में नौकरी प्राप्त कर ली।
मृतक की बहन गीता ने थाना ग्वालटोली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसके भाई संजू की कभी शादी ही नहीं हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि कथित महिला ने कुछ लोगों की मिलीभगत से कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल कर ली।
मामले से जुड़े दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि उपजिलाधिकारी सदर, कानपुर नगर द्वारा जारी आदेश में पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र संख्या 3767/अ0फ0जि0/2020 दिनांक 08.09.2020 को निरस्त किए जाने का उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया कि जांच के दौरान दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर प्रमाण पत्र निरस्त किया गया।
वहीं जलकल विभाग की एक जांच रिपोर्ट में भी शिकायत का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मामले की जांच जिलाधिकारी कार्यालय स्तर पर कराई गई थी।
पीड़िता गीता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने और दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी सामने आने के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
यदि दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी? जांच में देरी क्यों हो रही है? और सरकारी विभागों में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है?
फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन व पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

