बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत बगहा पहुंचे प्रशांत किशोर, सरकार पर जमकर बरसे।
जनसुराज कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का दिया मंत्र, महगाई और प्रश्नपत्र लीक के मुद्दों पर साधा निशाना।
बिहार डेस्क,बगहा। जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत शनिवार को बगहा पहुंचे। विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार बगहा आगमन पर उन्होंने जिला कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक में भाग लिया। बैठक में संगठन के पुनर्गठन, विस्तार और मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसुराज की विचारधारा और नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
महिलाओं को दी गई राशि पर उठाए सवाल
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार की योजनाओं और आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में भेजे गए 10 हजार रुपये वास्तविक सहायता नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे फैसलों के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित हुई है और सरकार को कर्मचारियों के वेतन व अन्य भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रश्नपत्र लीक पर केंद्र सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को उचित बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज की स्थिति यह है कि प्रश्नपत्र लीक होना खबर नहीं रह गई है, बल्कि बिना लीक के परीक्षा संपन्न होना बड़ी खबर बन जाती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जनसुराज के उम्मीदवारों पर दबाव बनाकर पार्टी छोड़ने के लिए डराया-धमकाया गया था।
शराबबंदी कानून को बताया पूरी तरह विफल
बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी प्रशांत किशोर ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी अपने उद्देश्य में पूरी तरह विफल साबित हुई है। इसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार जारी है, जिससे व्यवस्था की खामियां उजागर होती हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाया चुनावी राजनीति का आरोप
महंगाई और ईंधन की कीमतों के मुद्दे पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही ईंधन की कीमतों में कमी कर दी जाती है और चुनाव समाप्त होते ही फिर से दाम बढ़ा दिए जाते हैं। उनके अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों का निर्धारण भी अब राजनीतिक लाभ-हानि को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
संगठन विस्तार पर दिया विशेष जोर
अपने संबोधन के अंत में प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से जनसुराज को एक मजबूत जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और व्यवस्था परिवर्तन के लिए जनसहभागिता आवश्यक है तथा संगठन को पंचायत स्तर तक सक्रिय बनाना समय की जरूरत है।


