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एक साल बाद भी कारवाई नहीं पीड़ित ने डीजीपी कार्यालय तक पहुंचाई गुहार
उन्नाव। सफीपुर निवासी अमित द्विवेदी से जुड़े मामले में पीड़ित पक्ष ने उन्नाव पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट -दिनेश आर्या ब्यूरो प्रमुख

एक साल बाद भी कारवाई नहीं पीड़ित ने डीजीपी कार्यालय तक पहुंचाई गुहार


*एक साल से पुलिस को चकमा
देने का आरोप, पीड़ित बोला आखिर कब होगी कार्रवाई*
- उन्नाव। सफीपुर निवासी अमित द्विवेदी से जुड़े मामले में पीड़ित पक्ष ने उन्नाव पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- रिपोर्ट -दिनेश आर्या ब्यूरो प्रमुख
उन्नाव..
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अमित द्विवेदी के संबंध में पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा चुकी है, इसके बावजूद करीब एक वर्ष बीत जाने पर भी न तो उसे पुलिस के सामने पेश कराया जा सका और न ही मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के लिए कई बार फोन कर बुलाया गया, लेकिन वह कभी थाने में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बावजूद उसके खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि है पिछले एक वर्ष से उन्हें कभी सिविल लाइन चौकी, कभी कोतवाली सदर और कभी सफीपुर कोतवाली भेजा जाता रहा, लेकिन मामले का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई का आश्वासन तो देती रही, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि संबंधित व्यक्ति खुलेआम शहर में मौजूद रहता है। उनका आरोप है कि सिविल लाइन चौकी से चंद कदमों की दूरी पर स्थित कचहरी कैंटीन गेट नंबर-1 के पास वह नियमित रूप से अपनी दुकान संचालित करता है, फिर भी पुलिस उसे तलाशने का दावा कर रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब व्यक्ति कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर उपलब्ध है तो फिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है।
पीड़ित का कहना है कि उन्नाव पुलिस बड़े-बड़े अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दावे करती है, लेकिन उनके मामले में एक वर्ष बाद भी कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया। इसी से निराश होकर उन्होंने लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह एक साल से न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। अब उसकी निगाहें उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्र में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इस मामले में कार्रवाई कब होगी।


