
संविदा कर्मचारी के आरोपों पर एआरटीओ का पलटवार, बोलीं- शिकायतों के आधार पर हुई थी कार्रवाई

रिपोर्ट-दिनेश आर्य ब्यूरो चीफ
उन्नाव। एआरटीओ कार्यालय से हटाए गए एक संविदा कर्मचारी द्वारा विभाग और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों के बाद एआरटीओ श्वेता वर्मा ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने कर्मचारी के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विभाग द्वारा पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
एआरटीओ श्वेता वर्मा के अनुसार संबंधित संविदा कर्मचारी के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की समीक्षा के बाद विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे 17 जून को सेवा से मुक्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सेवा समाप्त होने के बाद कर्मचारी द्वारा विभाग की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में सभी कार्य शासन की गाइडलाइन और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप संपादित किए जाते हैं। विभाग में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अनदेखी नहीं की गई है। एआरटीओ ने कहा कि कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं और उनमें कोई सत्यता नहीं है।
श्वेता वर्मा ने कहा कि विभाग पारदर्शिता और नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई केवल प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही की जाती है। विभाग अपने निर्णय पर कायम है और आरोपों का तथ्यात्मक आधार नहीं है।




